**देहरादून, 22 जुलाई।** मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित **‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’** के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योजना के तहत 212 नई महिला लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में **1 करोड़ 55 लाख 40 हजार रुपये** तथा प्रथम चरण की 276 महिला लाभार्थियों को द्वितीय किश्त के रूप में **1 करोड़ 20 लाख 76 हजार 875 रुपये** की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। इस प्रकार कुल **488 महिला लाभार्थियों** को **2 करोड़ 76 लाख 16 हजार 875 रुपये** की सहायता राशि प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि योजना के प्रथम चरण में 10 फरवरी 2026 को 484 महिला लाभार्थियों को **3 करोड़ 45 लाख रुपये** की सहायता राशि दी गई थी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी मातृशक्ति होती है। जब महिलाएं सशक्त होती हैं तो परिवार, समाज और राष्ट्र भी सशक्त बनता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की माताएं और बहनें परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। राज्य सरकार का संकल्प प्रत्येक महिला को सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का सशक्त आधार उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि **मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना** का उद्देश्य एकल, निराश्रित, विधवा, परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं के साथ-साथ एसिड अटैक पीड़िताओं, अन्य आपराधिक घटनाओं से प्रभावित महिलाओं तथा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना के तहत लाभार्थियों को अधिकतम **2 लाख रुपये** तक की परियोजना स्वीकृत की जाती है, जिसमें **75 प्रतिशत तक अनुदान** राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भर बनने का अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। महिला आरक्षण, **बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ**, **उज्ज्वला योजना**, **लखपति दीदी अभियान** और तीन तलाक जैसी कुप्रथा की समाप्ति जैसे निर्णयों ने महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है। राज्य सरकार भी महिलाओं के सर्वांगीण विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि **उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन**, **सशक्त बहना उत्सव योजना**, **मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना** और **मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना** के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है। राज्य सरकार 15 हजार से अधिक महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों को इन्क्यूबेशन सुविधा उपलब्ध करा रही है। **हाउस ऑफ हिमालयाज** ब्रांड के माध्यम से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की लगभग **5 लाख महिलाएं** 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठन महिलाओं के सामूहिक नेतृत्व को सशक्त बना रहे हैं। वहीं, **2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं** ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। सरकार महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन की व्यवस्था भी मजबूत कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी सेवाओं में महिलाओं को **30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण** प्रदान किया है। साथ ही **समान नागरिक संहिता (यूसीसी)** लागू कर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और समान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह योजना प्रदेश की हजारों महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेगी।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि **मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना** प्रदेश की एकल महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता, सम्मान और आत्मविश्वास का नया अध्याय लिख रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को सहायता की पात्र नहीं, बल्कि विकास की साझेदार मानते हुए उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है। योजना के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। उन्होंने लाभार्थियों से इस अवसर का पूरा लाभ उठाकर अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर योजना की लाभार्थी महिलाओं ने राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास चन्द्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


