HomeUncategorizedविनोद चमोलीने हरदा के रोड शो पर साधा निशाना, बताया राजनैतिक ड्रामेबाजी

विनोद चमोलीने हरदा के रोड शो पर साधा निशाना, बताया राजनैतिक ड्रामेबाजी


*चमोली ने हरदा के रोड शो पर साधा निशाना, बताया राजनैतिक ड्रामेबाजी!*

*पहले इस्तीफा, अब ग्रैंड स्वागत का राजनैतिक पाखंड जनता देख रही है: चमोली*

*हरदा सबसे बड़े ड्रामा किंग, जनता की नजरों में कांग्रेसी एक्सपोज्ड और नेता फ्यूजड: चमोली*

*हरक को भाजपा ने विधायक, मंत्री बनाया, तभी कांग्रेसी मंचों से चिल्ला रहे हैं : चमोली*

देहरादून 19 सितंबर। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं वरिष्ठ विधायक श्री विनोद चमोली ने पूर्व सीएम हरीश रावत के रोड शो को लेकर निशाना साधते हुए तंज कसा है। उन्होंने कहा, हरदा से बेहतर ड्रामेबाज नेता कोई और नहीं है, क्योंकि जो कल तक इस्तीफा दे रहे थे वे आज ग्रैंड स्वागत करवा रहे हैं। जबकि सच यह है कि जनता की नजरों में कांग्रेस पार्टी एक्सपोज़्ड और उनके नेता फ्यूजड साबित हो गए हैं।

पार्टी मुख्यालय में मीडिया व्यक्तत्व देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि हरीश रावत के मुख्यमंत्रित्व काल में उत्तराखंड में भ्रष्टाचार चरम पर था। यहां तक कि अब तक उस समय हुए भ्रष्टाचार की कलई खुल रही है, अभी तक वह कड़ियां जुड़ी हुई हैं। उनके पीए के यहां जब ईडी की रेड पड़ी, तो उससे जो खुलासा हुआ वो कहीं न कहीं हरीश रावत की उसमें संलिप्त होना दर्शाता है। वो बात और है कि इसी भय से घबराकर हरीश रावत ने इस्तीफे की पेशकश की और अपने पक्ष में सहानुभूति का माहौल बनाने का प्रयास किया। इसी क्रम में कांग्रेस में भी उन्होंने अलग से एक अपना चरित्र दिखाने का प्रयास किया कि मैं कांग्रेस में बड़ा समर्पित हूं, मेरे कारण कांग्रेस को नुकसान नहीं होना चाहिए, इसलिए मैं इस्तीफे की पेशकश करता हूं। इस सब राजनैतिक पाखंड को जनता के साथ कांग्रेस के सभी नेता भी अच्छी तरह से जानते हैं।

वहीं उन्होंने कहा कि मुझे भी कई माध्यमों से पता चला है कि जो व्यक्ति कल तक इस्तीफे की पेशकश कर रहा था, आज अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहा है। वहीं तंज कसा कि इतना बड़ा ड्रामा किंग मैंने किसी पॉलिटिक्स में कभी देखा नहीं है। दरअसल आज वह शक्ति परीक्षण करके कांग्रेस पर फिर से दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मेरा शुरू से मानना है कि हरीश रावत का न तो कांग्रेस से लेना-देना रहा, न उत्तराखंडियत से लेना-देना रहा, न जनता से कोई लेना-देना रहा है। उनको सिर्फ अपने परिवार और अपने बच्चों को एडजस्ट करना है। कांग्रेस उनके लिए एक राजनैतिक प्लेसमेंट एजेंसी की तरह है। उस पर दबाव बनाने के लिए ही यह सब काम हो रहा है। इसके अलावा हरीश रावत का कोई दूसरा एजेंडा नहीं है।

वहीं हरक सिंह रावत के बयानों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वो कह रहे हैं कि सहसपुर सीट भाजपा की सीट है, लगातार तीन बार से वहां हमारे विधायक जीत रहे हैं। लिहाजा केवल बयानों से चुनाव नहीं जीते जाते हैं, धरातल की सच्चाई और बयानों में बड़ा अंतर है। वहीं अनुकृति को लेकर दिए बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा, हालांकि यह उनका पारिवारिक मामला है। लेकिन इतना विश्वास के साथ कहा जा सकता है कि अनुकृति पहाड़ की बेटी है, और पहाड़ की बेटी किसी से डरती नहीं है। अगर वह बीजेपी के साथ आई है, तो विचारधारा के आधार पर आई है। और कहीं न कहीं जो हरक सिंह रावत का वैचारिक अधिष्ठान है, वो स्थिर नहीं है। आज की युवा पीढ़ी बहुत सोच-समझकर निर्णय लेते हैं। उनको लगा होगा कि भाजपा के साथ आना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि कभी इन्हीं हरक सिंह रावत को बहुत छोटी उम्र में पार्टी ने विधायक बनाया, मंत्री बनाया, फिर आगे बढ़ाया। अब वो ठीक है, वो भाजपा के साथ नहीं रह पाए, क्योंकि उनका स्थिर भाव नहीं है। वो कहीं न कहीं अवसरवादी हैं, तो इसलिए वो अपने लिए जगह-जगह अवसर तलाशने लग गए। लेकिन भाजपा ने ही उस नेतृत्व को भी उभारा था, जो आज कांग्रेस के मंचों पर चिल्ला रहा है।

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