Homeउत्तराखंडराष्ट्रीय शुद्ध वायु कार्यक्रम की समीक्षा, प्रदूषण नियंत्रण पर मुख्य सचिव सख्त

राष्ट्रीय शुद्ध वायु कार्यक्रम की समीक्षा, प्रदूषण नियंत्रण पर मुख्य सचिव सख्त

**देहरादून, 22 जुलाई 2026।** मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में राष्ट्रीय शुद्ध वायु कार्यक्रम (NCAP) की संचालन समिति की सातवीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर की वायु गुणवत्ता की समीक्षा की गई तथा प्रदूषण नियंत्रण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश दिए कि तीनों शहरों में वायु गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पीएम-10 और पीएम-2.5 के स्तर को कम करने के लिए प्रभावी उपाय अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि शहरों की सड़कों की स्थिति में सुधार, धूल नियंत्रण, सभी सड़कों का पक्कीकरण तथा फुटपाथों के निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने निर्माण एवं ध्वस्तीकरण (डेमोलिशन) से निकलने वाले मलबे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। सभी स्थानीय निकायों को डेमोलिशन वेस्ट के लिए निर्धारित निस्तारण स्थल चिन्हित करने और इसकी व्यापक जानकारी आमजन तक पहुंचाने को कहा, ताकि भवनों से निकलने वाले मलबे का सही तरीके से निस्तारण हो सके। साथ ही सड़कों पर पड़े निर्माण सामग्री को हटाने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव ने पीएम-2.5 के स्तर में कमी लाने के लिए वाहनों और औद्योगिक इकाइयों से होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर मानव संसाधन बढ़ाने को कहा। उन्होंने ट्रैफिक जाम कम करने के लिए प्रमुख चौराहों के सुधार कार्यों पर भी जोर दिया।

उन्होंने काशीपुर में पीएम-2.5 के स्तर में हुए सुधार के कारणों का विश्लेषण कर उन उपायों को अन्य शहरों में भी लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय शुद्ध वायु कार्यक्रम के तहत वार्षिक कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर और प्राथमिकता वाले प्रस्ताव तैयार कर समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत किए जाएं।

उन्होंने आमजन को वायु प्रदूषण के प्रति जागरूक करने के लिए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से नियमित प्रचार-प्रसार करने तथा स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत स्थापित सभी डिस्प्ले बोर्डों को सक्रिय करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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